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    Peshab Rukna-Peshab Ki Vedana-Males Ka Gambhir Rog

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    Peshab me Jalan hone main karan hai Mutrashay me Mutra ya peshab ikatha ho jana hai. Is trah ke rog ko Hindi ne Mutravirodh Vikar kahte hai. Peshab me Jalan Ke bhut se vajah ho skti hai par iska main karan hai sahi time Peshab na Jana hai jisse Urine ke kharb aur jehrile material khoon me milkar dimag tak chale jate ho aur bimari paida karte hai.

                              पेशाब रूकना

    Peshab Ke Rog Hone Ke Karan

    मूत्राशय में मूत्र इकठ्ठा होकर यदि रूकावट के कारण बाहर नहीं निकल पता तो उसे मूत्रविरोध कहते है. ये रोग छोटे बच्चे को छोड़ के के बाकि सबको हो जाता है कारण एक दम साफ़ वो किसी की भी परवाह नही करते है जब मन करता जहा मन करता वाही सुसु या पेशाब कर देते है. मई इस आर्टिकल में किसी एक उम्र के लोगो पे ध्यान देकर नही कहुगा की इसी उम्र के लोगो को यूरिन डिसऑर्डर या पेशाब में जलन हो सकती है. कारण एक दम साफ जो इंसान अपना यूरिन या पेशाब किसी कारण सही टाइम पे नही जा पता उसका ये बीमारी बड़े आराम इ हो जाएगी. मैं उदाहरण देकर आपको समझाता हु आप भी ऐसा करते ही होगे जैसे - अगर आप किसी ऑफिसल मीटिंग में हो बीच में पेशाब या मूत्र लग जाये तब क्या करेंगे आप मीटिंग ख़त्म होने का इंतजार करेंगे या कोई मौका देख कर जाने की कोशिश  करेंगे पर उसी समय पे नही जायेगे ये समस्या प्राइवेट नौकरी करने वालो के अक्सर होती है, नई उम्र की लड़की या कॉलेज जाने वाली गर्ल्स के साथ होती है क्योकि उनको हम मर्दो की तरह कही पे सुसु करने हिम्मत नही होती है या बेशर्मी नही होती है, आदि बहुत से कारण है जिससे ये समस्या हो सकती है. ३५ से ज्यादा उम्र के लोगो में भी Urine disorders या पेशाब(Peshab)  करने  में कोई न कोई परेशानी होती ही है.

    मूत्रविकार के लक्षण 

    Peshab Urine Na kar Pane Par Hone Vale Rogo Ke Lakshan-

    मूत्र न कर पर या पेशाब सही समय पे न कर पाने  के अभाव  के कारण मूत्राशय काँप काँप कर फूल जाता है जिससे रोगो को बेचैनी होती है. कभी कभी मूत्र के विषैली चीज़े खून के साथ मिलकर दिमाग या मस्तिष्क में विकार या परेशानी पैदा कर देती है. मूत्र या पेशाब दर्द के साथ बून्द बून्द करके आता है या उतरता है. मूत्र विकार से होनी से वाली कुछ बीमारी है- 

    मूत्रकृच्छ-  मूत्रकृच्छ बीमारी में मूत्र या पेशाब दर्द के साथ आता है और मूत्र करने में दर्द और जलन होती है.

    मूत्राशय-प्रदाह- मूत्राशय दबने से मूत्र या पेशाब रुक जाता है तो इसे मूत्राशय-प्रदाह कहते है इससे पेहब रुक जाता है. मूत्र दर्द के साथ बून्द बून्द करके आता है. इससे शरी में पेडू में दर्द होता है, अकड़न, कपकपी और कभी कभी बुखार भी आ जाता है. और मूत्राशय में बहुत असहनीय दर्द होता है या बहुत ज्यादा दर्द होता है और ऐसा  लगता की पेशाब लगी है पेशाब करके आने बाद भी. पेशाब करते समय जलन भी होती है. 
    पेशाब में खून आना- मूत्र करने से पहले या बाद में या पेशाब के साथ खून आता है.

    बहुमूत्र- झय रोग की पैतृक प्रवति होना, हिस्ट्रीरिया, चिंता, सर पर चोट लग्न, यकृत या आमाशय  के विकार, सर्दी लग्न, शरब पीना, आतशक, कब्ज या पौष्टिक भोजन के न मिलने से, दवाओं के रिएक्शन, बुढ़ापा आदि इस रोग का कारण है. 

    मूत्र या पेशाब (Peshab ) में जलन (Jalan ) के  लक्षण

    Urine ke Rogo Ke lashan 

    कब्ज, मंदाग्नि, प्यास अधिक लगना, पेशाब अधिक मात्र में आना, मूत्र रंग हल्का पीला होना, अधिक पेशाब आने से नींद न आना और दिन प्रतिदिन सुस्त होते जाना, और अधिकतर कमर दर्द रहना या जाघो में दर्द  रहना मूत्रविकार के लक्षण है. 

    Peshab Rukna - Peshab Ki Vedana Dard Ke Gharelu Nuskhe


    (1) Peshab me jalan ka ilaj -  धनिया-    हरे धनिए की पत्तियों का रस दो तोले और एक तोला शक्कर मिलाकर देें। यदि एक बार देने से कोई लाभ न हो तो दुबारा भी दें। 

    (2)  Peshab ki jalan ka ilaj - प्याज-        एक किलो पानी में 45 ग्राम प्याज के टुकडे़ डालकर औटावें, उबालें। इसे छानकर शहद मिलाकर नित्य 3 बार पिलाने से पेशाब खुलकर तथा बिना कष्ट के आता है एक बार पेशाब जाना ठीक करता है यदि पेशाब बन्द हो गया हो तो वह भी आने लगता है। 


    (3) Peshab rog ka ilaj - दूध-        गर्म दूध में गुड़ मिलाकर पीने से मूत्राषय के रोगों में लाभ होता है। पेशाब साफ और खुलकर आता है। रूकावट दूर होती है। यह नित्य, एक गिलास दो बार पीयें। 


    (4) Peshab me jalan ka ilaj in hindi - मूली-        गुर्दे की खराबी से यदि पेशाब बनना बन्द हो जाय तो मूली का रस दो औंस प्रति मात्रा पीने से वह फिर बनने लगता है। दो औंस मूली का रस पिलाने से पेशाब के समय होने वाली जलन और वेदना मिट जाती है। 


    (5) Peshab me jalan ki dua -  नीबू-        नीबू के बीजों को पीसकर नाभि पर रखकर ठण्डा पानी डालें। इससे रुका हुआ पेशाब होने लगता है।

    peshab me jalan

    (7) Peshab me jalan ka ilaj - जीरा-        जीरा और चीनी - दोनों को समान मात्रा में पीसकर दो चम्मच तीन बार फँकी लेने से रुका हुआ पेषाब भी खुल जाता है। 


    (8) Peshab mein jalan ka ilaj - शलगम-  
    पेशाब रुक-रुककर आने पर एक शलगम और मूली कच्ची ही काटकर खानी चाहिए। रस भी पी सकते हैं। 

    (9) Peshab me jalan ka ayurvedic ilaj - करमकल्ला-    मूत्र की रुकावट में करमकल्ला लाभदायक है। इसकी सब्जी घी मेें छौंककर खानी चाहिए। इसे कच्चा ही सलाद के रूप में खायें। 

    (10) Peshab mein jalan ka desi ilaj - Peshab ki jalan ka desi ilaj - नारियल-    नारियल मूत्र साफ लाता है। यह नित्य दो बार 50 ग्राम खायें। 


    (11) Peshab me jalan ka gharelu ilaj - Peshab me jalan gharelu nuskhe - ककड़ी-    ककड़ी का रस लेने से मूत्र अधिक बनता है तथा मूत्र अधिक मात्रा मेें आता है। खरबूजा भी मूत्र अधिक लाता है। 

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    (12) Peshab me jalan ka gharelu ilaj in hindi -  केला-        केले के तने का रस चार चम्मच, घी दो चममच मिलाकर नित्य दो बार पिलाने से बन्द हुआ पेषाब खुलकर आता है। यह मूत्राघात का उत्तम नुस्खा है। इस रस में मिला हुआ घी पेट में नहीं ठहर सकता और पेषाब शीघ्र आ जाता है। 


    (13)  Peshab me jalan ka gharelu upchar - गाजर-    गाजर के रस का एक गिलास नित्य पीते रहने से पेशाब साफ आता है, पेशाब करते समय दर्द, जलन, मूत्रकृच्छ ठीक हो जाता है।

    (14) Peshab mein jalan ka ilaj in hindi - 
    अदरक-  
     
    पेशाब के समय दर्द और रक्त आता हो तो सौंठ पीस कर छान कर दूध में मिश्री मिलाकर दो बार सुबह और शाम को पिलावें। सौंठ सुखाई हुई अदरक है।

    (15) Peshab ki jalan ka gharelu ilaj - धनिया-     मूत्रकृच्छ ( पेशाब में रक्त आना और रूकावट) रात को कोरी हाँडी में आधा किलो उबलता हुआ पानी भर कर उसमें तीस ग्राम अधकचरा कुटा धनिया डाल देें। ¬प्रातः उसे मसलकर छान कर 30 ग्राम    बतासे डाल दें। इसे दिन भर में पाँच बार पाँच हिस्से करके पिला दें। पेशाब में रक्त आना, रूकावट, दर्द, जलन, बेचैनी में लाभ होगा। 


    (16) Peshab ki jalan ka rohani ilaj -  छोटी इलायची-    इलायची को पीसकर दूध के साथ लेने से मूत्र खुलकर आता है तथा मूत्रदाह बन्द हो जाता है।            

    Peshab me Jalan ke Ayurvedic Upchar

    पेशाब में जलन के आयुर्वेदिक उपचार 


    (17) Peshab me jalan gharelu nuskhe - पेशाब बार बार होने पर ५ दाना कालीमिर्च, ३ मुनका और ३ दाना पिस्ता सुबह शाम कुचल कर खाने से बार बार पेशाब आने के समस्या से छुटकारा मिलता है 


    (18)  Peshab me jalan ka gharelu ilaj -  सेब खाने से रात को बार बार  पेशाब जाने में कमी आती है. मसूर की दाल खाने से बहुमूत्र में में कमी आती है


    (19) Peshab me jalan ka gharelu ilaj in hindi - २५ ग्राम अजवाईन , ३कले तिल ५० ग्राम, गुड १०० ग्राम मिलकर इसे ८ ग्राम मात्र में सुबह शाम ले पेशाब में जलन और बार बार पेशाब आना खत्म हो जायेगा

    (20) Peshab me jalan ka gharelu upchar - रात को बार बार पेशाब जाना- शाम को पालक की सब्जी खाने से कम हो जाता है.

    (21) Gharelu upchar Peshab me jalan -  बरगद के पेड़ो के पतों का काढ़ा बनाकर पीने से मूत्र की रूकावट और जलन दूर होती है और मदुमेह रोग में आराम मिलता है

    (22) Peshab ka ilaj - पके केले का सुबह सुबह  नाश्ता करे ७ दिनों तक पेशाब खुलकर आता है और मूत्राशय के विकार दूर होते है.

    (23) Peshab mein infection -  हरे धनिया की पतियों का रास २ ग्राम और एक ग्राम शककर या शुगर मिला दे और इसे पिए यदि एक बार देने से कोई लाभ न हो फिर पेट रहना चाहिए फायदा जरूर होगा

    (24) Peshab jalan - लिसोड़े की ४-५ कोपलों को तोड़कर रात्रि में पानी में भिगो दे. प्रातः काल मैथ छानकर पीने से प्रमेह, मूत्राशय की उत्तेजन और बार बार मूत्र करने की मन को रोकता है कच्चे लिसोड़े चबाकर उनका रस चूस ले . अगर लिसोड़े का मौसम नही है तो अनार के छिलके का चूर्ण २.५ ग्राम की मात्र के साथ फक ले सभी प्रकार के मूत्र विकार ठीक हो जायेगा. पेशाब में जलन भी ख़त्म हो जाएगी

    (25) Peshab me jalan ka ilaj -  सुबह शाम तिल के लाडू खाने से अधिक पेशाब आना या बार बार पेशाब आना बंद हो जाता है.

    (26) Peshab ki jalan ka ilaj - अनार की काली, सफ़ेद चन्दन की भूसी, वंसलोचन, बबूल का गोंद सभी १० १० ग्राम, घनिया, मेथी के रास में घोटकर बड़े चने के बराबर गोलिया बना ले. इस गोली को २-३ दिन में ३ बार लेने से अधिक प्यास, बहुमूत्र और सभी प्रकार के प्रमेह रोग दूर होते है

    (27) Peshab ki nali mein infection -  मूत्र या पेशाब (Peshab ) में जलन (Jalan ) होने पर रोगी को शीतल जल का अधिक से अधिक मात्रा में पीना चाहिए. जल में निम्बू का रस मिलाकर भी पी सकते  है.
     

    (28) Peshab ke baad jalan -  मूत्र या पेशाब (Peshab ) में जलन (Jalan ) की विकृति में लिम्का या सोडा पीने से अधिक लाभ होता है.
     

    (29) Peshab ka infection - गर्मी के मौसम में नारियल पानी पीने से मूत्र या पेशाब (Peshab ) में जलन (Jalan ) खत्म होती है.
     

    (30) Peshab ki nali ka infection -  तरबूज खाने वा तरबूज का रस पीने से भी मूत्र की जलन जल्दी खत्म होती है.
     

    (31) Peshab peela hona - बीयर पीने से भी मूत्र या पेशाब (Peshab ) में जलन (Jalan ) खत्म होती है साथ ही पेशाब खुलकर आता है. जो स्त्री या पुरुष बीयर नहीं पी सकते हो वो 

    (32) Peshab ke rog in hindi -  जौ को जल में उबालकर, छानकर उसे फ्रिज में ठण्डा करके पी सकते है इससे भी मूत्र या पेशाब (Peshab ) में जलन (Jalan ) नही होती है और पेशाब खुलकर आती है.
     

    (33) Peshab yellow aana -  फालसे खाने व फालसे का शर्बत पीने से भी मूत्र या पेशाब (Peshab ) में जलन (Jalan ) नष्ट होती है.
     

    (34) Peshab rokne ka totka -  पालक के ५० ग्राम रस में नारियल का १०० ग्राम जल मिलाकर पीने से पेशाब खुलकर आता है. और मूत्र या पेशाब (Peshab ) में जलन (Jalan ) की जलन से मुक्ति मिलती है.
     

     (35) Gharelu upchar Peshab me jalan -  अनार का शर्बत पीने से भी मूत्र या पेशाब (Peshab ) में जलन (Jalan ) खत्म होती है.
     

    (36) Peshab ka bar bar ana - अनन्नास का रस व शर्बत पीने से मूत्र या पेशाब (Peshab ) में जलन (Jalan ) की बीमारी ठीक हो जाती है.
     

    (37) Peshab baar baar ana -  कलमी शोरा जल में पीसकर नाभि पर लेप करने से मूत्र की जलन खत्म होती है.
     

    (38) Peshab me infection in hindi -  दूब (घास) को पीसकर दूध में मिलाकर, छानकर पीने से मूत्र या पेशाब (Peshab ) में जलन (Jalan ) बंद हो जाती है.
     

    (40) Peshab me dard ka ilaj - गन्ने का रस पीने से भी मूत्र या पेशाब (Peshab ) में जलन (Jalan ) होना बंद हो जाती है.
     

    (41) Peshab ka pila aana - १० ग्राम मात्रा में हरे धनिये को रात के समय जल में मिलाकर रखे. सुबह उठकर धनिये को पीसकर, उसको जल में मिलाकर, छानकर, मिश्री मिलाकर पीने से मूत्र या पेशाब (Peshab ) में जलन (Jalan ) ठीक हो जाती है.

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