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    गुरुवार, 3 मार्च 2016

    Hair Loss-Balo ka Jhadna, Hair Fall Upchar

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    बाल गिरना, झड़ना

    Hair Fall-Hair Loss Treament Hindi

    बाल प्रत्येक इन्सान के झड़ते हैं, यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। बाल अपनी पूरी लम्बाई तक बढ़ जाने के बाद झड़ जाते हैं, उनकी जगह नए बाल उग आते हैं लेकिन यदि बहुत अधिक बाल झडे़ं तो यह अवष्य ही एक समस्या है।
    निष्चित अवधि के बाद प्रत्येक बाल की वृद्धि स्वतः रुक जाती है। मनुष्य की शारीरिक स्थििति के अनुसार केष ग्रंथि का निम्न भाग जब अभिषोषित होे जाता है तो पुराना बाल, रोम कूप से अलग हो जाता है। ऐसी रोमकूप से अलग हो जाने की क्रिया को ‘बालों का गिरना’ कहा जाता है तत्पष्चात् उसकी जगह नया बाल निकल आता है।

    सामान्यतया एक महीने में बालों की लम्बाई एक सेंटीमीटर बढ़ती है। प्रतिदिन 100 बाल तक गिरना सामान्य माना जाता है क्योंकि सिर की उतने बालों को उगाने की क्षमता होती है और सामान्यतया बालों का एक चक्र  होता है जिसके अनुसार हर बाल को 3-4 साल के अन्दर-अन्दर गिरना होता है और नये बालों का निर्माण होता रहता है। प्रायः बहुतायत में चिकित्सक लौह तत्त्व के कैप्षूल और विटामिन की गोलियाँ बाल गिरने पर देते रहते हैं, जो जरूरी नहीं हैं। 100 से अधिक बाल नित्य गिरने पर चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिये।

    बालों के टूटने के मुख्य कारण हैं- खून की कमी, बालों की जड़ों में किसी  रोग का होना, गरमी आदि की बीमारी, रूसी, बालों का पोषण रुक जाने अथवा धूप में हमेषा खुले सिर रहना।
    अनुवंषिक कारण, जैसे- माँ के बाल कम उम्र में गिरते रहे हों तो बेटी के भी कम उम्र में ही बाल गिरने शुरू हो जाते हैं।
    सिर में सफेद दाग की बीमारी (ल्यूकोडर्मा) होने से।
    कैंसर इलाज की दवाइयों के सेवन के बाद क्योंकि जिन महिलाओं में स्तन या गर्भाषय का कैंसर होता है और वे गोलियाँ या कैंसर के इलाज के इंजेक्षन का प्रयोग करती हैं, उससे भी बाल झड़ जाते हैं।
    ग्रीवा की अग्र सतह पर एक ग्रंथि होती है जिसे थाइराइड ग्लेंड के नाम से जाना जाता है। इसमें से निकलने वाला स्त्राव शरीर की रासायनिक क्रिया को ठीक रखने में सहायक है। इसके द्वारा मनुष्य की ‘सम्यक् वृद्धि’ एवं संपुष्टि निष्चित होती है। इस ग्रंथि से होने वाला स्त्राव यदि असंतुलित होता है तो उसका बालों पर सीधा प्रभाव पड़ता है। अधिक मात्रा में ग्रंथि के स्त्रावित होने पर बाल अपेक्षाकृत अधिक महीन और मुलायम बन जाते हैं। इसी प्रकार कम स्त्रावित होने पर बाल मोटे एवं रुक्ष होते हैं। दोनों स्थिितयों में बालों का कमजोर होकर झड़ना संभव हो सकता है। अतः उक्त ग्रंथि का नियमित स्त्रावित होना न केवल बालों के लिए वरन् मनुष्य के स्वास्थ्य के लिए भी उपयुक्त है।
    balo ke rogo ke gharelu upchar
    Balo ko Jhadne se rokhne gharelu Upchar

    बालों की उचित सफाई नहीं होने कृमि एवं फंगस के कारण सिर में कई बार फुँसी, फोड़े, एग्जिमा, दाद, खाज-खुजली इत्यादि हो जाते हैं। इनके कारण भी बालों के रोम कूप नष्ट होने लगते हैं तथा बालों का झड़ना-गिरना प्रारंभ हो जाता है। इसके अतिरिक्त मानसिक तनाव भी इसके लिए उत्तरदायी है।
    बहुत-से रोगों के हो जाने के बाद भी स्वाभाविक रूप से झड़ने लगते हैं। काला-आजार ज्वर में रोगी के बाल रूखे एवं निस्तेज हो जाते हैं तथा झड़ने लगते हैं। पर जैसे-जैसे ज्वर ठीक होने लगता है बालों का झड़ना स्वतः रुक जाता है। तत्पष्चात् गिरे बालों के स्थान पर नए बाल उगने लगते हैं। इसी तरह किसी पुरानी बीमारी या टाइफाइड आदि के बाद बालों का झड़ना प्रारम्भ हो जाता है। इसका मुख्य कारण इन बीमारियों के कारण अन्य अंगों की तरह रोम कूपों में भी कमजोरी का आ जाना है। प्रारंभ में ये बाल झड़ते हैं मगर जैसे-जैसे व्यक्ति में शक्ति का नव-संचार होता है वैसे-वैसे रोमकूप भी सुदृढ़ होने लगते हैं। इस कारण बालों के नष्ट हुए स्थानों पर पुनः नए बाल आने शुरू हो जाते हैं। अतः इन बीमारियों के बाद बालों के लिए चिन्तित होने के स्थान पर शारीरिक संपुष्टता पर विषेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
    बहुत बधिक बाल झड़ने का कारण टाइफाइड जैसी लंबी बीमारी, गर्भावस्था, बहुत अधिक सुगन्धित तेलों का प्रयोग, सस्ते और घटिया शैम्पू का प्रयोग सन्तुलित भोजन में कमी आदि को माना जाता है।
    बालों के झड़ने का एक कारण भोजन में पोषक तत्तवों की कमी भी होती है इसके लिए आवष्यक है कि भोजन में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाई जाए। चना, सोयाबीन, राजमा आदि में प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है। दूध से बनी चीजों का इस्तेमाल भी लाभकारी सिद्ध होता है।
    हमारे शरीर की त्वचा में चिकनाई बनाने वाली ग्रन्थियाँ होती हैं। जो अपनी चिकनाई से बालों का पोषण करती हैं और इससे बाल कोमल रहते हैं तथा बढ़ते हैं। बालों का पोषण रक्त संचार द्वारा भी होता है। यदि खून का दौरा ठीक प्रकार से होता रहे तो बाल शीघ्र बढ़ते हैं और कोमल तथा चमकदार रहते हैं। यदि इन दोनों ही में कोई खराबी पैदा हो जाए तो बाल झड़ने लगते हैं।

    Balo ko Jhadne se Rokhne Ke liye Gharelu Upchar

     1- Hair Loss Treatment - तेल-  बालों को स्वस्थ और सुन्दर बनाए रखने के लिए बालों में तेल डालना आवष्यक है आजकल लोग अक्सर बालों को रूखा रखते हैं। बालों को रूखा रखने से बालों की जडे़ं कमजोर हो जाती हैं और बाल झड़ने लगते हैं। तेल डालने के साथ ही आवष्यक है कि बालों में हेयर ब्रष से कुछ      तेजी से ब्रष किया जाए, इससे बालों का व्यायाम होता है। खोपड़ी में रक्त् का संचार बढ़ता है जिससे बालों की जड़ें मजबूत होती हैं और बालों का झड़ना कम हो जाता है।
    सर्वप्रथम किसी अच्छे तेल जैसे नारियल, या बादाम रोगन की धीरे-धीरे अपने बालों में मालिष कीजिए। अँगुली की पोरों से रगडें। सुगन्धित तेलों के प्रयोग से यथासंभव बचना चाहिए, इससे बाल कमजोर पड़ जाते हैं और समय से पहले ही सफेद हो जाते हैं।
    2- hair loss Treatment Hindi - भाप- बालों को भाप देने से बाल रेषम की तरह नरम एवं स्वस्थ रहते हैं। झड़ना बन्द होता है। एक भगोने में गर्म पानी लें और एक तौलिया इसमें भिगोकर हल्का-सा निचोड़ कर सिर पर लपेटें। ठंडा होने पर दूसरा तौलिया भिगो कर लपेटें। इस तरह दस मिनट भाप दें। भाप देने से एक दिन पहले सिर में तेल लगायें।
    3- Hair Loss Solutions- स्नान- अधिक बाल गिरने की अवस्था में सिर जल्दी-जल्दी धोना चाहिये बाल धोने के बाद जहाँ तक संभव हो गीले बालों को कंघी न करें, क्योंकि गीले बाल कमजोर होते है और आसानी से जल्दी टूट सकते हैं इसलिए बालों को कुछ देर तक सूखने दें और फिर कंघी करें।
    बालों को सुखाने के लिये रोजाना हेयर ड्रायर का प्रयोग न करें क्योंकि उससे बाल की तह कमजोर पड़ जाती है। हेयर ड्रायर उपकरण को बालों से 6-8 इंच की दूरी पर रखें। अधिक समय तक हेयर स्प्रे बालों में न रहने दें, क्योंकि इसमें कई हानिकारक रसायन होते हैं, जो बालों को नुकसान पहुँचाते हैं।
    4- Hair Loss 8 months after pregnancy- चाय- सिर धोने के बाद अन्त में चाय के पानी (बिना चीनी और दूध का) से सिर धोने से बालों में चमक आ जाती है और वे कम टूटते हैं।
    नीम- सिर के बाल गिरना आरम्भ ही हुआ हो तो नीम और बेर के पत्तों को पानी में उबाल कर बालों को धोयें। बाल गिरना बन्द हो जायेगा। बाल काले ही रहेंगे और लम्बे भी होंगे। इससे जुँए भी मर जाती हैं। सावधानी रखें कि सिर धोते समय यह पानी आँखों में न जाये। सिर धोते समय आँखें बन्द रखें।
    5- Hair Loss Shampoo- नीबू- (1) नीबू के रस की सिर में मालिश  करके धिर धोने से बाल गिरना दूर हो जाता है।
    (2) Hair Loss Vitamins एक गिलास पानी में दो चम्मच चाय डाल कर उबालें और फिर उसे ठंडा होने दें। ठंडा होने पर छान कर इसमें नीबू निचोडें। बालों को भली प्रकार साफ करके धोने के बाद अन्त में इस पानी से बाल धोयें। फिर साफ पानी से धोयें। इस प्रकार बाल धोने से बाल चमकदार, रेषम की तरह मुलायम हो जायेंगे और गिरना रुक जायेगा।
    6- Hair Loss Remedies- आँवला- सूखे आँवले को रात में भिगो दें। प्रातः इस पानी से सिर धोयें। इससे बालों की जडें़ मजबूत होती हैं, बालों की प्राकृतिक सुन्दरता बढ़ती है। मस्तिष्क व नेत्रों को लाभ पहुँचता है।
    7- hair Loss After Surgery- नारियल- नारियल का तेल सिर में लगाने से बाल गिरना बन्द होकर लम्बे होते हैं।
    8- Hair Loss After Baby- ककड़ी- ककड़ी के रस से बाल घने होते हैं।
    9- Stress An Hair Loss- चुकन्दर- चुकन्दर के पत्ते मेहँदी के साथ पीस कर लेप करने से बाल गिरना बन्द हो जाते हैं। तेजी से बढ़ते और उगते भी हैं।
    10-A Cure For Hair Loss- करम कल्ला- पत्ता गोभी के  ग्राम पत्ते नित्य एक माह खाने से गिरे हुए बाल उग जाते हैं।
    11- Hair Loss Blog- ककड़ी- ककड़ी में सिलिकन और सल्फर अधिक मात्रा में मिलते हैं। यह केषों को बढ़ाते हैं। ककड़ी, गाजर और सलाद और पालक सबको मिलाकर रस पीने से बाल बढ़ते है। यदि ये सब उपलब्ध न हों, वे ही मिलाकर रस बना लें।
    12- Hair Loss Cure- गेहूँ- गेहूँ के पौधों का रस नित्य एक कप चालीस दिन पीने से बाल गिरना बन्द हो जाते हैं।
    13- Vitamin c Hair Loss Prevention- चोलाई- बाल गिरने पर चोलाई की सब्जी लाभदायक है।
    14- Cre c Hair Loss Shampoo- तुलसी- कम आयु में बाल गिरते हों, सफेद हो गये ंतो तुलसी के पत्ते और आँवले का चूर्ण पानी में मिलाकर सिर में मलें। दस मिनट बाद सिर धोयें। बाल गिरना बन्द हो जायेगा। बाल काले ही रहेंगे और लम्बे भी होंगे। इससे जुएँ भी मर जाती हैं।

    Hair-Loss Treatment hindi| Ayurvedic Treatment| Gharelu Upchar| Falling Hair

    (1) Hair loss Treatment hindi - लो के रखरखाव और उसके सफाई पर विषेश ध्यान दे । बालो की सफाई कम से काम सप्ताह में एक बार अवस्य कर ले
    (2) hair loss blood test - अपने बालो को धुल मिट्टी , बारिश के पानी और तेज धूप से बचाये ।
    (3) a cure for hair loss - पान-तंबाकू, चाय, कॉफी, सॉफ्ट ड्रिंक, ज्यादा वसायुकत खाना, मिर्च-मसाले युक्त भोजन का प्रयोग कम करे।
    (4) menopause an hair loss - दूषित खान पान एवं पेयजल का उपयोग न करे
    (5) a doctor for hair loss - अपने आहार में हरी सब्जिया, सलाद, फल, दूध, अंकुरित अन्न का इस्तेमाल करे जो की हमारे शरीर को पर्याप्त मात्रा में कैल्सियम ,प्रोटीन विटामिन्स और आयरन दे ।
    (7) hair loss disease - अधिक गर्म पानी का उपयोग बालो पे करने से बचे । इसके संपर्क से बाल शुष्क और नाजुक हो जाते है । 
    (8) बालो को धोने के लिए ठन्डे या गुनगुना पानी ही प्रयोग में लाये ।
    (9) hair loss doctor- पर्याप्त नीद ले ,ज्यादा तनाव और थकान शरीर को न होने दे ।
    (10) hair loss diet- बालों को एक उचित अंतराल पर 2 -3 दिन का हो सकता है ही धोये क्योंकी बार बार बाल धोने से बालों को नुकसान पहुंचता है।
    (11) hair loss early pregnancy- अच्छे क्वालिटी के Hair Products ही बालो के देखभाल के लिए उपयोग में लाये । बालो पे ज्यादा experiment करने से बचे यह भी आपके बालो के लिए नुक्शानदेह हो सकता है
    (12) hair loss expert- बालों को धोने के लिए आंवला , सठरीठा और शिकाकाई सबसे अच्छा रहता है।
    (13) p&g hair loss- सप्ताह में कम से कम दो बार बालों की जड़ों में Olive oil या Coconut oil से अच्छी तरह से मसाज करना चाहिए।
    (14) Hair Straightening- करने से बचे। इनसे बालो को काफी नुकसान पहुचता है।
    (15) hair loss from medication- बालो को सवारने के लिए मोटे दातो वाला कंगा का इस्तेमाल करे । जिससे आपके बाल फसकर टूटे न
    (16) hair loss female- गीले बालो / Wet hair को अच्छी तरह से किसी soft कपड़े से ही सुखाए।
    (17) hair loss food- गीले बालो में कंगी करने से बचे क्युकी गीले बाल नाजुक होते है जिससे ये आसानी से टूट या गिर सकते है।
    (18) hair loss gene from mother- बालो को धोने से पहले बालों में अच्छी तरह से हल्के गर्म Olive oil या Coconut oil से मसाज कर ले या आप ऐसा रात के वक़्त भी कर सकते है ।
    (19) hair loss grow back- नियमित व्यायाम,योगासन और प्राणायाम का अभ्याश करे।
    (20) Hair Care Tips in Hindi- के साथ – साथ हम योग (Yoga) की कुछ आसनो को करके बालो का देखभाल कर सकते है

    Baalo ka girna, jhadna se Rokhne ke gharelu Upchar


    Baal pratyek inshan ke jhadte hai. yeh ek swabhavik prakirya hai. baal apni puri lambai tak badh jane ke baad jhad jate hai, unki jagah naye baal uag aate hain lekin yadi bahut adhik baal jhade to yeh avashy hi ek smashya hai.
    nishchit avadhi ke baad pratyek baal ki vradhi swatah ruk jati hai. manusya ki saririk estithi ke anushar kesh granthi ka nimn bhag jab abhisoshit hojata hai to purana baal, rom koop se alag ho jata hai. aishi rom koop se alag ho jane ki kirya ko ‘baalon ka girna’ kaha jata hai. tatpaschat uski jagah naya baal nikal aata hai.
    samanytya ek mahine mein baalon ki lambai ek sentimeter badti hai. pratidin 100 baal tak girna samany mana jata hai kyounki shir ki utne baalon ko ugaane ki chamta hoti hai aur samanytya balon ka ek chakra hota hai jishke anushar her baal ko 3-4 saal ke ander-ander girna hota hai aur naye baalon ka nirmaad hota rehta hai. prayah bahutayt mein chikitshak lauh tatv ke capsule aur vitamin ki goliyan baal girne per dete rehte hai, jo jaroori nahi hai. 100 se adhik baal nitya girne per chikitshak se salah leni chahiye.
    balon ke tootne ke mukhy karan hai- khoon ki kami, baalon ki jadon mein kishi rog ka hona, garmi aadi ki bimari, rushi, balon ka poshan ruk jane aur dhoop mein hamesha khule shir rehna.
    Anuvanshik karan, jaishe- maa ke baal kam umar mein girte rahe ho to beti ke bhi kam umar  mein hi baal girne suru ho jate hai.
    Shir mein safed daag ki bmari (lucoderma) hone se.
    Cancer illaj ki davaiyoun ke sevan ke baad kyounki jin mahilaon mein estan aur garbhasy ka cancer hota hai aur ve goliyan aur cancer ke illaj ke injection ka prayog karti hai, usse bhi baal jhad jate hai.
    Greeva ki agra sateh per ek granthi hoti hai jishe thyroid gleand  ke naam se jana jata hai. ishme se nikalne wala straav sareer ki rashaynik kirya ko theek rakhne mein shayak hai. ishke dwara manushy ki ‘samyak vradhi’ aur sampusti nishchit hoti hai. is granthi se hone wala strav yadi asantulit hota hai to ushka baalon per sidha prabhav padta hai. adhik matra mein granthi ke estravit hone per baal apechakrat adhik maheen aur mulayam ban jate hain. ishi prakar kam estravit hone per baal mote aur rukch hote hain. dono esthitiyoun mein baalon ka kamjour hoker jhadna sambhav ho sakta hai. atah ukat granthi ka niymit estravit hona na keval baalon ke liye varan manusy ke swasthy ke liye bhi upyukt hai.
    baalon ki uchit safai nahi hone krami aur fungush ke karan shir mein kai  baar funshi, foude, agzima, daad, khaj-khujli ityadi ho jate hai. inke karan bhi baalon ke rom koop nast hone lagte hai aur baalon ka jhadna-girna prarmbh ho jata hai. iske atirikt maanshik tanav bhi ishke liye uttardai hai.
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    bahut adhik baal jhadne ka karan typhoid jaishi lambi bimari, garbhawastha, bahut adhik sugandhit tailon ka prayog, saste aur ghatiya sampu ka prayog santulit bhojan mein kami aadi ko mana jata hai.
    baalon ke jhadne ka ek karan bhojan mein poshak tatvon ki kami bhi hoti hai ishke liye avashyak hai ki bhojan mein protin ki matra badai jaye. chana, soyabin, rajma aadi mein protin ki matra adhik hoti hai. doodh se bani chezon ka istemaal bhi labhkari sidh hota hai.
    hamare sareer ki twacha mein chiknai banane wali granthiyan hoti hai. jo apni chiknai se baalon ka poshan rakt sanchar dwara bhi hota hai. yadi khoon ka daura theek prakar se hota rahe to baal shighr badte hai aur komal aur chamakdar rehte hai. yadi in dono hi mein koi kharabi paida ho jaye to baal jhadne lagte hai.

    Hair Treatment Urdu-

    Oil- baalon ko swasth aur sundar banaye rakhne ke liye baalon mein tail dalna avasyak hai aajkal log akshar baalon ko rukha rakte hai. baalon ko rukha rakhne se baalon ki jaden kamjour ho jati hai aur baal jhadne lagte hai. tail daalne ke sath hi avasyak hai ki baalon mein hair brush se kuch tezi se brush kiya jaye. isshe baalon ka vyayam hota hai. khopdi mein rakt ka sanchar badta hai jisse baalon ki jaden majboot hoti hai aur baalon ka jhadna kam ho jata hai.
    Sabse phale kishi aache tail jaise nariyal, aur badam rogan ki dheere- dheere apne baalon mein malish kijiye. anguli ki poron se ragde. sugandhit tailon ke prayog se ythasambhav bachna chahiye, isse baal kajour pad jate hai aur samay se pehle hi safed ho jate hai.
    bhaap- baalon ko bhaap dene se baal resham ki tarah naram aur swasth rehte hai. jhadna band ho jata hai. ek bhagone mein garam pani le aur ek tauliya isme bhigoker halka-sa nichod ker shir per lapete. thanda hone per dusra tauliya bhigo ker lapete. is tarah 10 minute bhaap de. bhaap dene se ek din pehle shir mein tail lagayen.
    Snaan- adhik baal girne ki awastha mein shir jaldi-jaldi dhona chahiye. baa dhone ke baad jahan tak sambhav ho geele baalon ko kanghee na karen, kyounki geele baal kamjour hote hai aur ashani se jaldi toot sakte hai isliye baalon ko kuch der tak sukhne de aur fir kanghee karen.
    baalon ko sukhane ke liye rojana hair draiar ka prayog na karen kyounki usse baal ki taih kamjour pad jati hai. hair draiar upkran ko baalon se 6-8 inch ki duri per rakhe. adhik samay tak hair spray baalon mein na rehne de, kyounki isme kai hanikarak rasayan hote hai, jo baalon ko nuksan pahuchate hai.
    Chai- shir dhone ke baad mein chai ke pani (bina chini aur doodh ka) se shir dhone se baalon mein chamak aa jati hai aur ve kam tutte hai.
    Neem- shirk e baal girna arambh hi hua ho to neem aur bair ke patton ko pani mein ubaal ker baalon ko dhoyen. baal girna band ho jayega. baal kaale hi rhenge aur lambe bhi honge. isse juyen bhi mar jati hai. savdhani rakhe ki shir dhote samay yeh pani aankhon me na jaye. shir dhote samay aankhen band rakhen.
    Neembu- (1) neembu ke rass ki shir mein malish karke shir dhone se baal girna door ho jata hai.
    (2) ek gilass pani mein 2 chamach chai daal kar ubalen aur fir use thanda hone de. thanda hone per chaan kar isme neembu nichode. baalon ko bhali prakar saaf karke dhone ke baad annt mein is pani se baal dhoyen. fir saaf pani se dhoyen. is prakar baal dhone se baal chamakdar, resham ki tarah mulayam ho jayenge aur girna ruk jayega.
    Avala- sukhe avalen ko raat mein bhigo de. pratah is pani se shir dhoyen. isse baalon ki jaden majboot hoti hai, baalon ki prkartik sundarta badhti hai. mastik aur netron ko labh pahunchta ahi.
    Nariyal- nariyal ka tail shir mein lagane se baal girna band hoker lambe hote hai.
    Kakdi- kakdi ke rass se baal ghane hote hai.
    Chukander- chukander ke patten mehndi ke sath pess kar lep karne se baal girna band ho jate hai. tezi se badhte aur ugate bhi hai.
    Karam kalla- patta gobhi ke gram patte nitya ek maah khane se gire hue baal uag jate hai.
    Kakdi- kakdi mein silikan aur salfar adhik matra mein milte hain. yeh keshon ko badate hai. kakdi, gazar, salad aur palak sabko milaker rass peene se baal badhte hai. yadi ye sab uplabdh na ho, ve hi milakar rass bana le.
    Gehun- gehun ke paudho ka rass nitya ek cup chalish din peene se baal girna band ho jate hai.
    Chaulai- baal girne per chaulai ki sabji labhdayak hai.
    Tulsi- kam aayu mein baal girte ho, safed ho gaye to tulsi ke patte aur avalen ka churan pani mein milakar shir mein malen. 10 minute baad shir dhoyen. baal girna band ho jayega. baal kaale hi rahenge aur lambe bhi honge. isse juyen bhi mar jati hai.

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