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    सोमवार, 21 मार्च 2016

    उलटी-पलटी रोकने के ३४ घरेलु नुस्खे Vomiting ulti gharelu upchar ilaj

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    उलटी रोकने के घरेलु उपचार 

    (1) केला- पका हुआ केला खाने से रक्त की उलटी होेना बन्द हो जाता है।

    (2) पिस्ता- चार पिस्ता खाने से उलटी, जी मिचलाना ठीक हो जाता है।

    (3) फूल गोभी- फूल गोभी में क्षारीय तत्व होते हैं। यह एक रक्त शोधक है। रक्त की उलटी में इसकी सब्जी खाने से कच्ची ही खाने से लाभ होता है। क्षय रोगी इसे लें।

    (4) पोदीना- उलटी में आधा कप पोदीने का रस हर दो घण्टे में पिलायें। इसमें नीबू भी मिला सकते है। हरा धनिया और पोदीने की चटनी बार-बार खाने से लाभ होता है।

    उलटी-पलटी रोकने के ३४ घरेलु नुस्खे Vomiting ulti gharelu upchar ilaj
    उलटी-पलटी रोकने के ३४ घरेलु नुस्खे Vomiting ulti gharelu upchar ilaj




    (5) धनिया-(1)-धनिया उबाल कर मिश्री मिलाकर पीने से लाभ होता है।

     (2)- हरा धनिया कूट कर, निचोड़ कर इसका 33 ग्राम रस पिलाने से उलटी रूक जाती है। गर्भवती की उलटी भी बन्द हो जाती है। इसे बार-बार पिलायें।

    (6) हरड़- हरड़ को पीसकर शहद में मिलाकर चाटने से उलटी बन्द हो जाती है।


    (7) जीरा- चार नीबूओं का रस 50 ग्राम सेंधा नमक, 125 ग्राम जीरा डालकर भीगता रहने दें। भीगते-भीगते जब नीबू का रस सूख जाये और सूखा जीरा ही बच जाये तब उसे निकाल कर शीषी में भरें। नित्य तीन बार इसका आधा-आधा चम्मच लें। इससे गर्भावस्था की उलटी रूकेगी


    (8) अदरक-  उलटी रोकने में अदरक बहुत गुणकारी है। अदरक का रस 1 चम्मच लेकर जरा-सा सेंधा नमक व कालीमिर्च बुरक लें और चाट लें। आवष्यकता पड़े तो घंटे भर बाद 1 खुराक और ले लें। (2) अदरक का रस, प्याज का रस और पानी प्रत्येक एक-एक चम्मच मिला कर पीने से उलटी बन्द हो जाती है।


    (9) प्याज- अदरक और प्याज का रस दो चम्मच पिलाने से उलटी बन्द हो जाती है।


    (10) शहद- प्याज के रस में शहद मिलाकर चाटने से उलटी बन्द हो जाती है।


    (11) तुलसी- तुलसी की पत्तियों का रस पीने से उलटी बन्द हो जाती है। शहद और तुलसी की पत्तियों का रस मिलाकर चाटने से भी उलटी, जी मिचलाना ठीक हो जाता है।


    (12) नीम- 25 ग्राम नीम के पत्ते पीसकर 125 ग्राम पानी में छान कर पीने से सभी प्रकार की उलटियाँ ठीक हो जाती है।


    (14) तरबूज- खाने के बाद कलेजा जले, फिर पीली-पीली उलटी हो तो प्रातः तरबूज के रस में मिश्री मिलाकर पीयें।


    (15) चावल- गर्भावस्था की ़कै। 50 ग्राम चावल, 250 ग्राम पानी में भिगो दें। आधे घण्टे भीगने के बाद 5 ग्राम सूखा धनिया भी डाल दें। दस मिनट बाद मलकर छान लें। इसके चार हिस्से करके चार बार में पिलायें। गर्भिणी को चटायें, ़कै बन्द हो जायेगी।


    (16) लौंग- (1) गर्भिणी के वमन में, दो लौंग पीसकर शहद के साथ गर्भिणी को चटायें, ़कै बन्द हो जायेगी। लौंग को आग पर सेक कर चूसने से उलटी बन्द हो जाती है। जब भी उलटी हो सेकी हुई लौंग चूसें।


    (2) चार लौंग कूटकर एक कप पानी में डाल कर उबालें। आधा पानी रहने पर छान कर स्वाद के अनुसार मीठा मिलाकर पीकर करवट लेकर सो जायें। दिन भर में ऐसी चार मात्रा लें। उलटियाँ बन्द हो जाती है।


    (3) उलटी बन्द करने के लिए दो लौंग और जरा-सी दालचीनी एक कप पानी में उबालें। आधा पानी रहने पर छान कर पिलायें। इस तरह जब भी उलटी हो तो पिलाते रहें। उलटियाँ बन्द हो जायेंगी।


    (17) आँवला- यदि गर्भावस्था में ़कै, उलटी हो तो दो-दो मुरब्बे के आँवले नित्य चार बार खिलाने से ़कै बन्द हो जायेगी।


    (18) नीबू- जी मिचलाना आरम्भ होते ही नीबू का सेवन करना चाहिए। 

    इससे उलटी नहीं होती। नीबू में शक्कर और काली मिर्च दोनों भरकर चूसने से भी उल्टी बन्द हो जाती हैं ठण्डे पानी में नीबू और शक्कर मिलाने से नीबू का शरबत बन जाता है। यह मिचली और उलटी ठीक करता है। नीबू के रस की कुछ बूँदें पानी में मिलाकर पिलायें, षिषु दूध नहीं उलटेगा। पोदीना और नीबू दोनों एक साथ सेवन करने से भी उलटी बन्द हो जाती है। नीबू में इलायची भर कर चूसने से भी लाभ होता है। उलटी में नीबू को गरम नहीं करना चाहिए।

    (19) नारंगी- (1) जी मिचलाने पर नारंगी के सेवन से लाभ होता है। मोटर आदि से यात्रा करते समय नारंगी का सेवन करते रहना चाहिए।


    (2)  नारंगी के सूखे छिलके पीसकर उसकी दुगनी मात्रा में चीनी मिला कर पुनः पीस लें। इसकी दो चम्मच हर दो घंटे से ठंडे पानी से फँकी लेने से उलटी होना बन्द हो जाता है।


    (20) इमली- पकी इमली को पानी में भिगोकर रस पीने से उलटी ठीक हो जाती है।


    (21) चना- रात को चने भिगो दें। प्रातः इनका जल निकाल कर पीयें। गर्भवती को उलटी हो तो भूने हुए चने का सत्तू पिलायें।


    (22) गन्ना- पित्त की उलटी होने पर गन्ने के रस में शहद मिलाकर पीने से लाभ होता है।


    (22) दालचीनी- पित्त की उलटी हो तो दालचीनी पीसकर शहद में मिलाकर चाटें।


    (23) राई- दुस्साध्य उलटियों को रोकने के लिए राई का लेप आष्चर्यजनक वस्तु है। राई पीस कर, पेट पर गीला मलमल का कपड़ा बिछा कर उस कपड़े पर राई का लेप कर दें। इसे 15 मिनट रहने दें। फिर हटा दें। उलटियाँ बन्द हो जायेंगी। यह अनुभूत है।


    (24) बर्फ- बार-बार उलटी होने पर बर्फ चूसने से उलटी बन्द हो जाती है।


    25-धनिया, सौंफ, जीरा, इलायची तथा पुदीना सभी को सामान मात्रा में लेकर, पानी में भिगो दें। इसके बाद जब ये सारी चीजें फूल जाएं, तो इन्हें पानी में ही मसल लें और इस पानी को लें। इस के बाद पानी को चम्मच से, दिन में 3 से 4 बार पिलाएं। इससे बच्चे को उल्टी होना बंद हो जाएगी।


    26-इलायची के बीजों को आग पर भूनकर चूर्ण बना लें। इसके बाद इस चूर्ण को लगभग 2-2 ग्राम की मात्रा में शहद के साथ, मिलाकर बच्चे को दिन में 3 बार चटाएं। बच्चे की उल्टियाँ बंद हो जाएगी।


    27-बच्चे को गैस के कारण उल्टियाँ हो रही है तो 2-3 चम्मच चावल का मांड, दिन में 3-4 बार पिलाए, इससे बच्चे को उल्टी आना बंद हो जाएगी।


    28-गर्भवती महिला को अगर बार-बार उल्टी हो रही है तो फिर उसे सुबह और शाम के वक्त हल्के गुनगुने पानी में नींबू का रस देना चाहिए. इससे महिला को उल्टी से राहत मिलेगी


    29.लौंग को चूसने से भी उल्टी से राहत मिलती है. इसके लिए लौंग को भूनकर उसे मुंह में रखना चाहिए ऐसा करने से उल्टी नियंत्रित होती है


    30.पेट में गर्मी बढ़ने की वजह से भी उल्टी की समस्या होती है. ऐसे में छाछ में भुना हुआ जीरा और सेंधा नमक डालकर पीने से बहुत जल्दी फायदा होता है 

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    Vomiting Treatment Hindi-

    Kela- paka hua kela khane se rakt ki ulti hona band ho jata hai.

    Pista- 4 pista khane se ulti, jee michlana theek ho jata hai.


    Fool gobhi- fool gobhi mein chareey tatv hote hai, yeh rakt shodhak hai. rakt ki ulti mein ishki sabji khane se kacchi hi khane se labh hota hai. chay rogi ishe le.


    Pudina- ulti mein aadha cup pudine ka rass her 2 ghante mein pilayen. ishme neembu bhi mila sakte hai. hara dhaniya aur pudine ki chatni baar-baar khane se labh hota hai.


    Dhaniya- (1) dhaniya ubal ker mishri milaker peene se labh hota hai.


    (2) hara dhaniya kutt ker, nichod ker ishka 33 garam rass pilane se ulti ruk jati hai. garbhwati ki ulti bhi band ho jati hai. ishe baar-baar pilayen.


    Haran- haran ko pessker sehed mein milaker chatne se ulti band ho jati hai.


    Jeera- 4 neembuon ka rass, 50 garam sendha namak, 125 garam jeera daalker bheegta rehne de. bheegte-bheegte jab neembu ka rass sukh jaye aur sukha jeera hi bach jaye tab use nikal ker shishi mein bharen. nitya 3 baar ishka aadha-aadha chamach le. isshe garbhawastha ki ulti rukegi.


    Adrak- (1) ulti rokne mein adrak bahut gudkari hai. adrak ka rass 1 chamach lekar jara-sa sendha namak aur kalimirch burak le aur chat le. aavashyakta pade to ghante bhar baad 1 khurak aur le le. (2) adrak ka rass, pyaz ka rass aur pani pratyek ek-ek chamach milaker peene se ulti band ho jati hai.


    Pyaz- adrak aur pyaz ka rass 2 chamach pilane se ulti band ho jati hai.


    Sahed- pyaz ke rass mein sehed milaker chatne se ulti band ho jati hai.


    Tulsi- tulsi ki pattiyon ka rass peene se ulti band ho jati hai. sehed aur tulsi ki pattiyon ka rass milaker chatne se bhi ulti, jee michlana theek ho jata hai.


    Neem- 25 garam neem ke patte pessker 125 garam pani mein chaan ker peene se sabhi prakar ki ultiyan theek ho jati hai.


    Tarbooz- khan eke baad kaleza jale, fhir peeli-peeli ulti ho to pratah tarbooz ke rass mein mishri milaker piyen.


    Chaval- garbhawastha ki kai. 50 garam chaval, 250 garam pani mein bheego de. aadhe ghante bheegne ke baad 5 garam shukha dhaniya bhi daal de. 10 minute baad malker chaan le. ishke 4 hisshe karke 4 baar mein pilayen. garbhidi ko chatayen, kai band ho jayegi.


    Laung- (1) garbhidi ke vaman mein, 2 laung peesker sehed ke sath garbhidi ko chatayen, kai band ho jayegi. Laung ko aag per seak ker chushne se ulti band ho jati hai. jab bhi ulti ho seaki hui laung chosen.


    (2) 4 laung kuttker ek cup pani mein dalker ubalen. Aadha pani rehne per chaan ker swad ke anushar meetha milaker peeker karvat leker so jayen. din bhar mein aishi 4 matra le. ultiyan band ho jati hai.


    (3) ulti band karne ke liye 2 laung aur jara- si dalchini ek cup pani mein ubalen. aadha pani rehne per chaan ker pilayen. is tarah jab bhi ulti ho to pilate rahe. ultiyan band ho jayengi.


    Avala- yadi garbhavastha mein kai, ulti ho to 2-2 murabbe ke avale nitya 4 baar khilane se kai band ho jayegi.


    Neembu- jee michlana aarambh hote hi neembu ka sevan karna chahiye. isshe ulti nahi hoti. Neembu mein sakkar aur kali mirch dono bharkar chushne se bhi ulti band ho jati hai. thande pani mein neembu aur sakkar milane se neembu ka sarbat ban jata hai. yeh michali aur ulti theek karta hai. neembu ke rass ki kuch boonde pani mein milakar pilayen, shishu doodh nahi ultega. pudina aur neembu dono ke sath sevan karne se bhi ulti band ho jati hai. neembu mein ilaychi bhar ker chushne se bhi labh hota hai. ulti mein neembu ko gerem nahi karna chahiye.


    Narangi- (1) kai aur jee michlane per narangi ke sevan se labh hota hai. motar aadi se yatra karte samay narangi ka sevan karte rehna chahiye.


    (2) narangi ke sukhe chilke pessker ushki duguni matra mein chini mila ker punah pess le. ishki 2 chamach her 2 ghante se thande pani se fanki lene se ulti hona band ho jata hai.


    Imli- paki imli ko pani mein bheegoker rass peene se ulti theek ho jati hai.


    Chana- raat ko chane bheego de. pratah inka jal nikalkar piyen. garbhvati ko ulti ho to bhune hue chane ka sattu pilayen.


    Ganna- pitt ki ulti hone per ganne ke rass mein sehed milakar peene se labh hota hai.


    Dalchini- pitt ki ulti ho to dalchini pessker sehed mein milakar chaten.


    Raai- dusshadhy ultiyoun ko rokne ke liye raai ka lep ascharyjanak vastu hai. raai pess ker, pet per geela malmal ka kapda bicha ker us kapde per raai ka lep kar de. ishe 15 minute rehne de. fhir hata de. ultiyan band ho jayengi. yeh anubhut hai.


    Barf- baar-baar ulti hone per barf chushne se ulti band ho jati hai. 

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